MrDream
Newbie
दोस्तो, शायरी के बिना ज़िंदगी में कुछ नहीं, आप के लिए शायरी लिखता रहूंगा
आज दो शेर पेश कर रहा हुं
तेरे बिन हर ख़्वाब अधूरा है मेरा
तेरे साथ मुकम्मल अरमॉं है मेरा
तेरे बिन भीड़ में अकेलापन है मेरा
तेरे साथ हर दिन जलसा है मेरा
इश्क़ की ज़ुबान नहीं होती
इश्क़ की शक्ल नहीं होती
इश्क़ में हारने वालो की
कोई अहमियत नहीं होती
आज दो शेर पेश कर रहा हुं
तेरे बिन हर ख़्वाब अधूरा है मेरा
तेरे साथ मुकम्मल अरमॉं है मेरा
तेरे बिन भीड़ में अकेलापन है मेरा
तेरे साथ हर दिन जलसा है मेरा
इश्क़ की ज़ुबान नहीं होती
इश्क़ की शक्ल नहीं होती
इश्क़ में हारने वालो की
कोई अहमियत नहीं होती
