PixiBloom
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पहाड़ों की गोद में बसा, एक प्यारा सा संसार है,
हिमाचल की हर घाटी में, कुदरत का श्रृंगार है।
रोहतांग की बर्फ़बारी, और मनाली की वो शाम,
शिमला की माल रोड पर, सुकून का है नाम।
कुल्लू की वादियों में, बजता है प्यार का संगीत,
पश्मीना और लोई यहाँ की, सदियों पुरानी रीत।
रंग-बिरंगी टोपी यहाँ की, आन और शान है,
नाटी नृत्य की थाप पर, झूमता सारा जहान है।
धौलाधार की चोटियाँ, जैसे छुए नीले आसमान को,
खजियार का मैदान देता, जन्नत का गुमान है।
मणिकरण और ज्वालाजी में, श्रद्धा का है वास,
देवताओं की इस भूमि पर, मिलता अटूट विश्वास।
कांगड़ा की चित्रकारी, इतिहास का दर्पण है,
हर पुराने मंदिर में यहाँ, भक्ति का समर्पण है।
सेब के लाल बागीचे, और देवदार के घने वन,
हिमाचल की मिट्टी में खो जाता है सबका मन।
सिद्दू और धाम का स्वाद, जुबां पर चढ़ जाता है,
पहाड़ी रास्तों का वो सफ़र, रूह को महकाता है।
कहीं बादलों का डेरा है, कहीं झरनों की पुकार,
हिमाचल ही है वो जगह, जहाँ बसता है सच्चा प्यार।
हिमाचल की हर घाटी में, कुदरत का श्रृंगार है।
रोहतांग की बर्फ़बारी, और मनाली की वो शाम,
शिमला की माल रोड पर, सुकून का है नाम।
कुल्लू की वादियों में, बजता है प्यार का संगीत,
पश्मीना और लोई यहाँ की, सदियों पुरानी रीत।
रंग-बिरंगी टोपी यहाँ की, आन और शान है,
नाटी नृत्य की थाप पर, झूमता सारा जहान है।
धौलाधार की चोटियाँ, जैसे छुए नीले आसमान को,
खजियार का मैदान देता, जन्नत का गुमान है।
मणिकरण और ज्वालाजी में, श्रद्धा का है वास,
देवताओं की इस भूमि पर, मिलता अटूट विश्वास।
कांगड़ा की चित्रकारी, इतिहास का दर्पण है,
हर पुराने मंदिर में यहाँ, भक्ति का समर्पण है।
सेब के लाल बागीचे, और देवदार के घने वन,
हिमाचल की मिट्टी में खो जाता है सबका मन।
सिद्दू और धाम का स्वाद, जुबां पर चढ़ जाता है,
पहाड़ी रास्तों का वो सफ़र, रूह को महकाता है।
कहीं बादलों का डेरा है, कहीं झरनों की पुकार,
हिमाचल ही है वो जगह, जहाँ बसता है सच्चा प्यार।