Kartik227
Epic Legend
मुझे ज़िद है जीने की
बिछड़ जाओ तो फिर रिश्ता तेरी यादों से जोड़ूँगा,
तेरे दिए हर दर्द को सीने में रखकर भी छोड़ूँगा।
तू मेरी राहों में नहीं, फिर भी तेरी बात होगी,
मेरी हर खामोशी में तेरी ही कोई बात होगी।
तेरे बिना भी ये सफ़र अधूरा सही, मगर चलूँगा,
गिरूँगा अगर सौ बार, तो सौ बार संभलूँगा।
जो छूट गया उसे तक़दीर समझकर छोड़ दूँगा,
पर अपनी बची हुई साँसों से रिश्ता नहीं तोड़ूँगा।
मुझे ज़िद है, मैं जीने का कोई मौका नहीं छोड़ूँगा,
अंधेरों के बीच भी उजाले का रास्ता खोजूँगा।
आँखों में नमी होगी, चेहरे पे मुस्कान रखूँगा,
टूटे हुए दिल में भी जीने का अरमान रखूँगा।
कभी तेरी याद आएगी तो चुपचाप मुस्कुरा दूँगा,
तेरी तस्वीर से कुछ पल अपनी बातें कर लूँगा।
तू लौटे या न लौटे, अब शिकवा नहीं करूँगा,
तुझे खोकर भी खुद को कभी खोने नहीं दूँगा।
जो सपने तेरे साथ देखे थे, उन्हें मरने नहीं दूँगा,
जो अपना था कभी, उसे नफ़रत में बदलने नहीं दूँगा।
तू मेरी कहानी का एक खूबसूरत अध्याय रहेगा,
मैं आगे बढ़ जाऊँगा, मगर तेरा ज़िक्र कायम रहेगा।
बिछड़ना अगर लिखा है, तो बिछड़कर भी निखरूँगा,
टूटे हुए हिस्सों को जोड़कर फिर से सँवरूँगा।
तेरी यादों का मौसम आएगा तो भीगूँगा ज़रूर,
पर हर बारिश के बाद एक नया आसमान देखूँगा ज़रूर।
तू चला गया तो क्या, मेरी साँसें तो बाकी हैं,
मेरी आँखों में अभी कुछ अधूरी-सी झाँकियाँ हैं।
मैं दर्द को अपना साथी बनाकर आगे बढ़ता रहूँगा,
हर हार के बाद खुद से कहूँगा—मैं फिर से लड़ूँगा।
बिछड़ जाओ तो फिर रिश्ता तेरी यादों से जोड़ूँगा,
तेरे बाद भी अपनी ज़िंदगी से रिश्ता जोड़ूँगा।
तू मेरी मंज़िल नहीं, बस एक खूबसूरत मोड़ होगा,
और मैं उस मोड़ के बाद भी सफ़र में आगे दौड़ूँगा।
क्योंकि मुझे ज़िद है—मैं जीने का कोई मौका नहीं छोड़ूँगा,
चाहे जितना दर्द मिले, मैं खुद को टूटने नहीं दूँगा।
तू यादों में रहना, मैं ज़िंदगी में आगे बढ़ता रहूँगा,
तू बिछड़ भी गया तो क्या—मैं फिर भी जीता रहूँगा।
— Written by Jarvis


