maturemumbaikar
Wellknown Ace
बस एक बार बात कर लो,
फिर चाहे हमेशा की ख़ामोशी दे देना।
एक बार कह दो कि अब कुछ नहीं रहा,
मैं उम्र भर खुद को
झूठी उम्मीदें देना छोड़ दूँगा।
हर रात मोबाइल हाथ में लेकर
नींद से पहले यही सोचता हूँ—
शायद आज तुम्हें मेरी याद आ जाए,
शायद आज “कैसे हो?”
इतना सा ही लिख दो।
तुम्हारी चुप्पी ने
मुझे सवालों से भर दिया है,
और सबसे दर्दनाक सवाल यही है—
क्या मैं अब भी तुम्हारा था,
या सिर्फ़ आदत था?
फिर चाहे हमेशा की ख़ामोशी दे देना।
एक बार कह दो कि अब कुछ नहीं रहा,
मैं उम्र भर खुद को
झूठी उम्मीदें देना छोड़ दूँगा।
हर रात मोबाइल हाथ में लेकर
नींद से पहले यही सोचता हूँ—
शायद आज तुम्हें मेरी याद आ जाए,
शायद आज “कैसे हो?”
इतना सा ही लिख दो।
तुम्हारी चुप्पी ने
मुझे सवालों से भर दिया है,
और सबसे दर्दनाक सवाल यही है—
क्या मैं अब भी तुम्हारा था,
या सिर्फ़ आदत था?