सुनो ना…
अगर तुम कभी प्रेम करो,
तो सिर्फ उसी से करना—
जो तुम्हारे हँसने के अंदाज़ से प्रेम करे,
तुम्हारे रोने के दर्द को समझे,
और कोसों दूर रहकर भी
तुम्हारे आँसू पोंछ सके।
जो मीलों की दूरी से भी
तुम्हारा दर्द महसूस कर ले,
दूर होकर भी
हर लम्हा तुम्हारे सबसे करीब रहे।
और जो मीलों दूर रहकर भी
अपना सिर तुम्हारे कंधे पर टिका दे,
तुम्हारी ख़ामोशी सुने,
उन अनकहे एहसासों को समझ ले
जो तुम कह नहीं पा रहे हो उससे…
सुनो ना तुम बस उसी से ही प्रेम करना.....!!

अगर तुम कभी प्रेम करो,
तो सिर्फ उसी से करना—
जो तुम्हारे हँसने के अंदाज़ से प्रेम करे,
तुम्हारे रोने के दर्द को समझे,
और कोसों दूर रहकर भी
तुम्हारे आँसू पोंछ सके।
जो मीलों की दूरी से भी
तुम्हारा दर्द महसूस कर ले,
दूर होकर भी
हर लम्हा तुम्हारे सबसे करीब रहे।
और जो मीलों दूर रहकर भी
अपना सिर तुम्हारे कंधे पर टिका दे,
तुम्हारी ख़ामोशी सुने,
उन अनकहे एहसासों को समझ ले
जो तुम कह नहीं पा रहे हो उससे…
सुनो ना तुम बस उसी से ही प्रेम करना.....!!
