• We kindly request chatzozo forum members to follow forum rules to avoid getting a temporary suspension. Do not use non-English languages in the International Sex Chat Discussion section. This section is mainly created for everyone who uses English as their communication language.

क्यों ये जज़्बात समझूँ

क्यों दिल की बात सुनूँ, क्यों ये जज़्बात समझूँ,
हर एहसास में अब बस, खामोशी का साथ रखूँ।

ज़िन्दगी ने सिखाया है, सच कभी मीठा नहीं होता,
तो क्यों ना हर दर्द को, मैं अपनी सौगात रखूँ।

कभी चाहत ने रुलाया, कभी तन्हाई ने समझाया,
हर लम्हा एक सबक बन गया, हर ग़म ने कुछ सिखाया।

अब तो दिल भी कहता है, सुकून मिल जाए अगर,
तो मोहब्बत नहीं, बस फ़ना बन जाना भाया।
 

क्यों दिल की बात सुनूँ, क्यों ये जज़्बात समझूँ,
हर एहसास में अब बस, खामोशी का साथ रखूँ।

ज़िन्दगी ने सिखाया है, सच कभी मीठा नहीं होता,
तो क्यों ना हर दर्द को, मैं अपनी सौगात रखूँ।

कभी चाहत ने रुलाया, कभी तन्हाई ने समझाया,
हर लम्हा एक सबक बन गया, हर ग़म ने कुछ सिखाया।

अब तो दिल भी कहता है, सुकून मिल जाए अगर,
तो मोहब्बत नहीं, बस फ़ना बन जाना भाया।
This strength to accept the bitter truth of life as one's 'gift' is truly admirable. Finding peace in the midst of pain—extraordinary poetry.
Awesome Intelligence
 

क्यों दिल की बात सुनूँ, क्यों ये जज़्बात समझूँ,
हर एहसास में अब बस, खामोशी का साथ रखूँ।

ज़िन्दगी ने सिखाया है, सच कभी मीठा नहीं होता,
तो क्यों ना हर दर्द को, मैं अपनी सौगात रखूँ।

कभी चाहत ने रुलाया, कभी तन्हाई ने समझाया,
हर लम्हा एक सबक बन गया, हर ग़म ने कुछ सिखाया।

अब तो दिल भी कहता है, सुकून मिल जाए अगर,
तो मोहब्बत नहीं, बस फ़ना बन जाना भाया।
bhut khooob
 
Top