मैंने चिड़िया से कहा,
‘मैं तुम्हारे बारे में
एक कविता लिखना चाहता हूँ।’
चिड़िया ने मुझसे पूछा,
‘क्या तुम्हारे शब्दों में
मेरे पंखों के रंग हैं?’
मैंने कहा, ‘नहीं।’
‘क्या तुम्हारे शब्दों में
मेरे स्वर का संगीत है?’
‘नहीं।’
‘क्या तुम्हारे शब्दों में
मेरे पंखों की उड़ान
है?’
‘नहीं।’
‘क्या जीवन है?’...