maturemumbaikar
Wellknown Ace
कुछ लोग तारीफ़ों के फूल बहुत सजाकर लाते हैं,
पर दिल में उनके मौसम अलग ही पाते हैं।
सामने मुस्कान, पीछे कहानी और होती है,
वो जो सबसे ज़्यादा सराहें, वही अक्सर झूठे निकल जाते हैं।
सच्चे लोग कम बोलते हैं मगर साथ निभाते हैं,
नकली चाहने वाले बस भीड़ में शोर मचाते हैं।
अब हमने भी सीख लिया है ये सबक ज़िंदगी से—
हर “वाह” करने वाला दिल से नहीं सराहते हैं।
पर दिल में उनके मौसम अलग ही पाते हैं।
सामने मुस्कान, पीछे कहानी और होती है,
वो जो सबसे ज़्यादा सराहें, वही अक्सर झूठे निकल जाते हैं।
सच्चे लोग कम बोलते हैं मगर साथ निभाते हैं,
नकली चाहने वाले बस भीड़ में शोर मचाते हैं।
अब हमने भी सीख लिया है ये सबक ज़िंदगी से—
हर “वाह” करने वाला दिल से नहीं सराहते हैं।
